शून्य का अविष्कार किसने किया है, इस बार को लेकर कई प्रकार के मत है। वास्तव में शून्य के अविष्कार का श्रेय भारतीय विद्वान 'ब्रह्मगुप्त' को दिया जाता है। क्योकिं ब्रह्मगुप्त ने 628 ईसवी में शून्य को सभी सिद्धांतो के साथ उपयोग करके पेश किया था।
अहंकार उसी को होता है, जिसे बिना मेहनत के सब कुछ मिल जाता है, Keep Up the Good Work! मेहनत से सुख प्राप्त करने वाला व्यक्ति, दूसरों की मेहनत का भी सम्मान करता है। ॥ आचार्य चाणक्य ॥ ઘમંડ તેને જ થાય છે, જે મહેનત કર્યા વિના બધું મેળવી લે છે, સારું કામ ચાલુ રાખો! ( Keep Up the Good Work) મહેનતુ વ્યક્તિ, બીજાની મહેનતનું પણ સન્માન કરે છે. -આચાર્ય ચાણક્ય

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